अलवर 23 सितंबर 2017। फलाहारी बाबा के बारे में एक से बढ़कर एक खुलासे हो रहे हैं। अकूत संपत्ति का मालिक ये फलाहारी ना सिर्फ रसूखदार है.. बल्कि देश में उसके रिश्तेदार के कई बड़े आश्रम भी हैं। फलाहारी महाराज उत्तर प्रदेश के कौशांबी का रहने वाला है और शादी शुदा भी है। ये बाबा झांसा देने के लिए खुद को अविवाहित बताता था, लेकिन बाबा ना सिर्फ है.. बल्कि देश में उसके रिश्तेदार के कई बड़े आश्रम भी हैं। फलाहारी महाराज उत्तर प्रदेश के कौशांबी का रहने वाला है और शादी शुदा भी है। ये बाबा झांसा देने के लिए खुद को अविवाहित बताता था, लेकिन बाबा ना सिर्फ शादीशुदा है, बल्कि उसकी बेटे-बेटियां भी है। फलाहारी ने अयोध्या में रहकर उसने पढ़ाई-लिखाई की। वह 1988 में अलवर आया। इसके बाद काला कुआं में दिव्य आश्रम बनाया। यहां नियुक्त आचार्य सुदर्शनाचार्य भी इनका ही भांजा है।आरोप है कि फलाहारी महाराज ने 30 साल में अकूत संपत्ति बटोरी। अलवर में दिव्य धाम के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी अपने आश्रम बनाए। फलाहारी महाराज हर साल गुरु पूर्णिमा पर बड़ा आयोजन करता है। इसमें बहुत बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
ऐसे में आश्रमों में हर साल गुरु पूर्णिमा पर करोड़ों रुपये चंदा आता है। हरियाणा में भी फलाहारी के हजारों श्रद्धालु हैं, जो गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में जाते थे। बताया जाता है कि फलाहारी महाराज ने बाजार में भी ब्याज पर पैसे चलाए हुए हैं।
इन्होंने अपने सभी आश्रमों पर अपने भाई और रिश्तेदारों को लगाया हुआ है। उनकी एक ऐसी असलियत सामने आई है, जानकर पैरों तले जमीन खिसक जाएगी। दरअसल, राजस्थान अलवर के काला कुआं में दिव्य धाम के संचालक कौशलेंद्र प्रपन्नाचार्य फलाहारी महाराज पर यौन शोषण की कोशिश का आरोप लगाने वाली युवती के पिता ने कई खुलासे किए।
उन्होंने बताया कि फलाहारी महाराज असल में शादीशुदा है। वह अविवाहित बनकर करीब 30 साल से अलवर में श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ कर रहा है। पीड़िता के पिता के अनुसार फलाहारी महाराज तीन भाई हैं। कुछ ही महीने पहले उसने अपनी बेटी की शादी की है। इसके दो छोटे भाई छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में आश्रम चलाते हैं।
पीड़िता के पिता का आरोप है कि कई और बेटियां फलाहारी बाबा की शिकार हुई हैं। अगर पुलिस गहराई से जांच करे तो कई मामले खुलकर सामने आ सकते हैं।



No comments:
Post a Comment