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शकुंतला देवी साकरिया ने लिए ३० उपवास ( मासक्षमण ) के पचकाण

हुबली

श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ के तत्वाधान में श्रमण संघीय उप प्रवर्तिनी  सत्यप्रभाजी आदि ठाणा ४  के निश्राय  में मरुधर केसरी श्रमण  सूर्य  मिश्रीमल म सा की 126 वि ,  श्रमण  संघीय वरिष्ठ प्रवर्तक लोकमान्य संत रूपचंद जी रजत की 92 वि जन्म जयंती हर्षोल्लास से मनाई गयी  इस अवसर पर सामूहिक एकाशना, सामायिक एवं नवकार महामंत्र जाप के साथ मनाया गया    जिसमे बुजुर्गो व  युवाओ महिलाओ  ने  बढ़ चढ़ कर भाग लेकर गुरुद्वय के प्रति अपनी भक्ति दर्शाई ,  इसके पश्चात आयोजित  गुरु गुणवानुवाद समारोह में  उप प्रवर्तिनी सत्यप्रभा जी  मरुधर केसरी मिश्रीमल जी म सा  मरुधर केसरी का जन्म पाली में श्रावण सुदी 14 को  दीक्षा सोजत में अक्षय तृतीया के दिन सोजत सिटी में बुधमल जी म सा के मुखारविंद से हुयी  और देवलोक गमन जैतारण  में पोष सुदी 14 को  हुआ और इन सभी के दिन मंगलवार था जो की उनके जीवन की एक विशेष कड़ी थी वे कड़क मिश्री के नाम से प्रसिद्ध थे किन्तु उनका अत्यंत प्रिय मधुर व्यवहार व वात्सल्य से भरपूर   थे श्रमण संघ के निर्माण में उनका योगदान अनुपम एवम नही भूलने जैसा है , उप प्रवर्तिनी ने कहा की उनको दीक्षा शेरे राजस्थान ने प्रदान की थी,  साध्वी रत्ना  चन्दन प्रभा जी ने अपनी मधुर वाणी में कहा की गुरुभगवंतो के आगे जो भी विशेषण लगे है वे उनके गुणों के अनुरूप है  मरुधर केसरी एक महान संत थे वे मारवाड़ कांठा प्रान्त को  को  ही अपनी कर्म भूमि मानते थे  वे अपने चातुर्मास के बाद में बाकी के आठ महीनो  में पुरे काँठा प्रान्त  सहित  मारवाड़ क्षेत्र का विचरण कर धर्म की गंगा बहते थे उन्होंने न केवल ज्ञान रुपी  सूर्य से अपने जीवन को आलोकित किया अपितु संघ और समाज में व्याप्त अंध श्रद्धा व अज्ञान के अन्धकार को दूर कर जन जन  के  मन में धर्म की दिव्य ज्योति जगाई है  ,आप एक सफल साहित्यकार आशुकवि प्रवचनकार थे दया व करुणा  के मसीहा तथा जिनवाणी को जन जन तक पहुचाने वाले वे एक दिव्य संत थे  , लोकमान्य संत शेरे राजस्थान की महिमा अपरम्पार है वो  आज 92 वे वर्ष में प्रवेश कर रहे है परंतु आज भी उनकी वाणी में वो ही जोश है उमंग है जो भक़्तो को अपने तरफ से खिंचती है, आपका जन्म श्रवण सुदी 10 को नाडोल में भेरुपूरीजी के यहाँ माता मोतीबाई के कुक्षि से हुआ उन्होंने मोतीलालजी म सा से जोधपुर में दीक्षा ग्रहण की मोतीलाल जी म सा ने अपने अंत समय में  रूपचंद जी म सा को मरुधर केसरी म सा को सुपुर्द किया और कहा की अब इनका ललन पालन आपको ही करना है , काँठा प्रांतीय ओसवाल साजना संघ के पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंघी ने श्रमण सूर्य मरुधर केसरी म सा व लोकमान्य संत शेरे राजस्थान रूपचंद जी म सा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा की दोनों गुरु भगवन्तो का काँठा प्रान्त पर विशेष लगाव रहा है उनकी संघठन क्षमता आज भी जग जाहिर है आप के श्री चरणों में आने से दुखियो के दुःख दूर होते है , आपके मांगलिक में इतनी शक्ति है की आपके मांगलिक से अनेक रोग दूर हो जाते है ,  सिंघी ने कहा की   मरुधर केसरी व शेरे राजस्थान के सद प्रेरणा से अनेक चिकित्सालय, गौशाला, बकरशाला, छात्रावास, विद्यालय संचालित है जिसमे अनेक लोग अपना अपना योगदान दे रहे है, मरुधर केसरी जी के सानिध्य में निर्मित श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन  छात्रावास राणावास , मरुधर केसरी विद्यालय राणावास , मरुधर केसरी छात्रावास  जैतारण, मरुधर केसरी चिकित्सालय सारण,  सहित अनेक शिक्षण व मानव उपयोगी संस्थान चल रहे है  जहा पर आज भी अनेक छात्र  अपना शिक्षण पूर्ण कर  अपने कार्यो को आगे बढ़ा रहे है, संघ के पूर्व अध्यक्ष कांठा प्रान्त के वरिष्ठ सम्पत राज कटारिया ने भी गुरुद्वय के जीवन पर गुणगान किये , हस्तीमल सकारिया  ने   गीतिका  के माध्यम से गुरुभगवंतो का   गुणगान किया, संघ के अध्यक्ष छगनलाल भुरट  ने मरुधर केसरी व शेरे राजस्थान के जीवन पर प्रकाश   डालते हुए कहा की  मरुधर केसरी की महिमा अपरम्पार थी जो की हर श्रावक के  हृदय में बस्ते है साथ ही लोकमान्य संत तो कहने में लोकमान्य तो है ही साथ ही  उनको तो 36 कॉम पूजती है ,    संघ  के सहमंत्री प्रकाश कटारिया ने कार्यक्रम का सञ्चालन किया ,

तपस्या के पचकान

इस  दौरान शकुंतला देवी हस्तीमल साकरिया ने 30 उपवास ( मासक्षमण ), कमलेश दलीचंद बागरेचा ने 8 (अठाइ) के पचकान लिए, इनका श्री संघ के द्वारा सन्मान किया गया

जन्म जयंती के अवसर पर एकाशना तप का आयोजन चातुर्मास के लाभार्थी परिवार बाबूलाल, राजेन्द्रकुमार, प्रवीण कुमार सुराणा परिवार ने लिया,

 इस गुरु गुणगान समारोह में संघ के अध्यक्ष छगनलाल भुरट, पारसमल पटवा, घीसुलाल कटारिया,   कुंदनमल साकरिया, हीराचंद तातेड़, अशोक कटारिया, गौतम गोलेछा,  कांतिलाल बोहरा, शांतिलाल खिवेंसरा, बाबूलाल परख , अमृतलाल छाजेड़, दलीचंद बागरेचा,  अमृतलाल सुराणा,  जवेरीलाल विनायकीय,  , पिंटू सिंघवी, रिखब चंद कटारिया, सुकन राज डंक, हनुमान चंद खिवेंसरा,  मोहन लाल चोपड़ा, उत्तमचंद भलगट, अशोक भंडारी अजित कटारिया      सहित श्रावक व श्राविकाएं उपस्तिथ थे 

गु रु भगवन्तो के जन्म दिवस के अवसर पर रूपचंद जी म सा रजत के विशेष कवर का विमोचन  कांठा प्रांतीय ओसवाल सजना संघ के पदाधिकारियों व संघ के अध्यक्ष छगनलाल भुरट के हाथो किया गया इस दौरान कवर बनाने में विशेष कार्य करने व उसमे सहयोग के लिए काँठा प्रान्त  पूर्व अध्यक्ष महेंद्र सिंघी  संस्कार स्कूल के अध्यक्ष महावीर कुंदुर व  सुभाष डंक का सन्मान कांठा प्रान्त के पदाधिकारियों ने किया, आज की प्रभावना का लाभ सूंदर केसरी तातेड़ परिवार, हस्तीमल साकरिया, कांठा प्रांतीय ओसवाल संघ ने लिया , कांठा प्रान्त के पूर्व मंत्री शांतिलाल बोहरा ने बताया की गुरुदेव की जयंती के अवसर पर दोपहर 3 से 4 बजे सामूहिक नवकार मन्त्र जाप का आयोजन भी काँठा प्रान्त द्वारा रखा गया जिसमे  महिलाओ व पुरुषो ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया 

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