हुबली
सर्वोच्च न्यायलय के माननीय न्यायाधीश श्री मोहन शांतनगौड्रा ने आज केशवपुर में स्तिथ संस्कार स्कूल में बच्चो के साथ राखी मनाई इस दौरान नन्ही मुन्ही बच्चियों ने न्यायाधीश को राखी बांधकर बच्चियों ने आदरणीय शांतनगौड्रा को अपना भाई बनाया जिसका फर्ज भी न्यायाधीश महोदय ने निभाया और बच्चो को उपहार प्रदान किया, इस दौरान आयोजित समारोह को सम्बोदित करते हुए शांतनगौड्रा ने कहा की बच्चो को अपने भविष्य के बारे में सोचना चाहिए उनको मेहनत कर के अच्छे अंक प्राप्त करने चाहिए, संस्कार स्कूल में आकर में अपने आप को भाग्यशाली समझता हूँ की मेरे को नन्हे मुन्हे बालको ने मेरे को राखी बाँधी, उन्होंने कहा की बालक आने वाले समय में देश का भाग्य लिखने वाले है इसलिए उनको पूरी ईमानदारी के साथ मेहनत करनी चाहिए, शांतनगौड्रा ने कहा की मेरे को अन्ना (भाई ) कहलाना पसंद है अगर मेरे परिवार में मेरे को कोई अंकल कहकर बुलाये तो में उनको कहता हूँ की मेरे को अंकल नहीं भाई कहे यही हमारे देश में सबसे सन्मानिय शब्द है अतः आज मेरा संस्कार स्कूल में आकर बच्चो के साथ रक्षा बंधन त्यौहार मनाना सार्थक हुआ है, संस्कार स्कूल के संस्थापक अध्यक्ष महेंद्र सिंघी ने स्वागत उध्बोधन दिया और कहा की आज हमारे हमारे विधालय का अहोभाग्य है की आज के हमें एक महत्वपूर्ण मौका मिला है यह मेरे लिए एक ऐतिहासिक दिवस है की सर्वोच्च न्यायालय के न्यायदिश हमारे संस्कार स्कूल में पधारे है इस अवसर को हमारे संस्कार परिवार ने " अनोखा बंधन न्यायाधीश के संघ " रक्षाबंधन समारोह के साथ मनाया है, समारोह का उद्धघाटन मंचासीन अतिथियों ने वृक्ष को पानी पिलाकर किया , समारोह की अध्यक्षता महावीर कुंदुर ने की, मेहमानो का परिचय प्रिंसिपल नयना पि सी ने किया, इस दौरान मंच पर पारसमल पटवा, सिध्दारुढ़ मठ कमिटी के ट्रस्टी अधिवक्ता अमोघीमठ, प्रबंधन समिति के कार्यदर्शी सुधीर वोरा, कोषाध्यक्ष उज्वल वोरा,उपस्तिथ थे कार्यक्रम का सञ्चालन विनोद जे एस में किया इस दौरान राजस्थानी समाज हुबली की तरफ से दलीचंद बागरेचा, पिंटू सिंघवी, संजय सेठ, सुभाष डंक ने न्यायाधीश महोदय का सन्मान किया
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Bharat Jain
90360-58027


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