Advertisement

advertisement




बिजली निगम की मनमानी से बिजली उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला कस्बे के जेठा कॉलोनी निवासी उपभोक्ता का सामने आया है। उसके घर पर लगे मीटर का बिल एक लाख साढ़े सात सौ रूपए का भेज दिया गया है, जबकि उपभोक्ता के घर एक पंखे, एक 15 वॉल्ट का बल्व ही जलाते हैं। जैसे उपभोक्ता बाबूलाल प्रजापत ने उनके घरेलू कनेक्शन का बिल एक लाख का देखते ही बेहोश हो गया। तुरन्त आसपास अन्य मकान मालिकों ने बाबूलाल प्रजापत को कस्बे में स्थित राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार हेतु भर्ती करवाया। जब उपचार के लिए बाबूलाल प्रजापत को अस्पताल लाए। इस दौरान उनके घरेलू विद्युत कनेक्शन का बिल हाथों में थामे हुआ था।

उपभोक्ता बाबूलाल प्रजापत को करीब एक घंटे के उपचार के बाद होश आया, तब उन्होंने बताया कि मेरे घर में एक पंखे व एक 15 वॉल्ट का बल्व ही लगे हुए हैं। फिर भी दो माह का एक लाख का बिल भेज दिया हैं। ऐसा एक उपभोक्ता के साथ नही बल्कि दर्जनों उपभोक्ताओं के घरेलू व कृर्षि कनेक् शनों का बिना रिडिंग देखे ही मनमर्जी के बिल बनाकर भेज देते हैं। जिससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार आधे से अधिक लोगों के बिलों में गड़बड़ी रही है। मीटर सही होने के बावजूद भी एवरेज बिल भिजवाए जा रहे हैं। जिससे बाद में उपभोक्ताओं को बिल सुधरवाने के लिए रानीवाड़ा सहायक अभियन्ता कार्यालय के चक् कर काटने पड़ते हैं। जिस कारण उपभोक्ताओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

>> मीटर ने लगाई छंलाग 2002 यूनिट से सीधा पहुंच गया 14708 पर
कस्बे के जेठा कॉलोनी निवासी बाबूलाल प्रजापत के घरेलू कनेक्शन के मीटर में गत पठन 2002 बता रहा है,जबकि वर्तमान में मीटर 14708 यूनिट बता रहा है। मीटर ने पिछले दो माह में छलांग लगाई तो सीधे 12706 यूनिट एक साथ चले। इस हिसाब से विद्युत विभाग ने उपभोक्ता को 100759 बिल भेज दिया। इस संबंध में उपभोक्ता बाबूलाल प्रजापत ने लाईनमैन को मीटर की जांच हेतु बुलाया। लाईनमैन सुरेन्द्रङ्क्षसह ने मीटर देखकर बिल के पीछे लिखा है कि उपभोक्ता ने मौके पर ले जाकर मीटर को चेक कराया तो मीटर में वर्तमान रीडिंग 14846 यूनिट और मीटर में किसी प्रकार की कोई छेडख़ानी नहीं होनी बताई। लाईनमैन द्वारा लिखकर दिया गया इससे बिल में सुधार नहीं किया जा रहा है। जिसस कारण उपभोक्ता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

>> समय पर रीडिंग नहीं ली जाती, देरी से आते हैं बिल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि डिस्कॉम कार्मिकों की ओर से समय पर रीडिंग नहीं ली जा रही है। मीटर सही होने पर भी बगैर जांच किए कार्मिक कार्यालय में बैठे-बैठे ही एवरेज बिल बनाकर उपभोक्ताओं को भेज रहे हैं। इतना ही नहीं बिजली बिल भी देरी से पहुंच रहे हैं, कई बार तो बिल जमा कराने की अंतिम तिथि निकलने के बाद बिल पहुंचते हैं, जिससे विलंब शुल्क भी देनी पड़ रही हैं। इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को भुगतना पड़ रहा है।

>> बढ़ी हुई राशि का बिल भरने में सक्षम नहीं हूं मैं
बेहोशी की हालात में उपभोक्ता बाबूलाल प्रजापत ने कहा है, साहब इतना पैसा भरने के लिए मैं सक्षम नहीं हूं। मेरे घर में एक पंखा व एक बल्ब ही जलता है। फिर भी मेरे को एक लाख का बिल भेज दिया। इसका कुछ करो।

उपभोक्ता के घरेलू कनेक्शन पर लगे मीटर में तकनीकी खराबी से अगर मीटर ने जम्प लिया होगा तो जांच कर समाधान करवा दिया जाएगा। उपभोक्ता को घबराने की जरूरत नहीं।

No comments:

Bottom Ad [Post Page]

| Designed by Colorlib